MOST I.T.

MOST I.T. दिलीप कुमार निषाद
मोस्ट I.T. उ.प्र. STUDENT

28/10/2025

#उत्तर_भारतीय #मछुआरों की #सेवा_शर्तें व #सुरक्षा के लिए मोस्ट ने #महाराष्ट्र_शासन को दिया #ज्ञापन

#मोस्ट_के_लोगों ने #गेटवे_ऑफ_इंडिया से #मंत्रालय तक ात्रा कर #सौंपा_ज्ञापन, #मछुआरों को #शोषण_मुक्त कराने की #मांग

#मुम्बई। आज दिनांक 24.10.2025 को #समुद्र_में_मछली_पकड़ने वाले #उत्तर_भारतीय_मछुआरों को #जोखिम_पूर्ण #सुरक्षा_शर्तों के दायरे में रखने व उनके #सुरक्षा_संरक्षण व #शोषण_मुक्त #सुनिश्चित कराने के लिए मोस्ट के लोगों द्वारा #गेटवे_ऑफ_इंडिया से मंत्रालय तक पद यात्रा कर #मत्स्य_पालन_विभाग #महाराष्ट्र_सरकार के मंत्री को #मोस्ट_डायरेक्टर #निलंबित_शिक्षक #श्यामलाल_निषाद #गुरूजी Shyam Lal Nishad के नेतृत्व में #ज्ञापन_दिया_गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि हमारा संगठन समाज के कमजोर वर्ग के जीवन की बेहतरी के लिए काम करता है। यहाँ मुंबई क्षेत्र में काम करने वाले उत्तर भारत के मछुआरों की समस्याओं के बारे में कुछ बिंदु हैं। जैसे उत्तर भारतीय मछुआरों को नाव मालिक (नाकवा) द्वारा एक दिन के लिए भी कोई आवास उपलब्ध नहीं कराया जाता है एवं वेतन मुख्य कारक है जो तय नहीं है, मछुआरे समुद्र में खराब मौसम की स्थिति में दिन-रात काम कर रहे हैं। नाव और मछली पकड़ने के जाल में यदि कोई खराबी/क्षति हुई तो इसकी लागत उनके वेतन से काट ली जाती है तथा यदि वे किसी दुर्घटना के शिकार होते हैं और शारीरिक अंग या जीवन की हानि होती है तो नाव मालिक को सभी जिम्मेदारियाँ लेनी चाहिए, बल्कि प्राकृतिक न्याय की अनदेखी कर उन्हें बिना किसी मदद के जबरदस्ती गाँव भेज दिया जाता है, वे किसी भी बीमा पॉलिसी के अंतर्गत कवर नहीं हैं।
मोस्ट कल्याण संस्थान मांग करता है कि उक्त सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए उत्तर भारतीय मछुआरों की कठिनाइयों के समाधान के लिए एक आयोग का गठन किया जाए और समुचित समाधान करने का श्रम किया जाय।
मोस्ट डायरेक्टर निलंबित शिक्षक श्यामलाल निषाद "गुरूजी" ने कहा कि मछुआरों के हित के लिए संघर्ष की शुरुआत हो चुकी है। उक्त मांगें पूरी न होने पर मोस्ट कल्याण संस्थान महाराष्ट्र मंत्रालय के सामने आजाद मैदान में धरना प्रदर्शन करेगा और उत्तर भारतीय मछुआरों को सेवा शर्तें सुनिश्चित कराने तक संघर्ष जारी रहेगा।
ज्ञापन देने वालों में मोस्ट प्रमुख जीशान अहमद, जनरल सेक्रेटरी राम उजागिर यादव, प्रदेश संयोजक रामानंद बौद्ध, जिला संयोजक राकेश कुमार निषाद, पूर्व जिला पंचायत सदस्य छोटेलाल निषाद, सुरेंद्र निषाद, सुरेश निषाद, बृजेश निषाद, वीरेंद्र कुमार निषाद, राम सजीवन निषाद, हरीश निषाद, राकेश निषाद, राहुल निषाद, पवन निषाद, मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र निषाद, राकेश निषाद, रमाकांत मल्लाह, राम सजीवन निषाद, सागर राम ताड़े, उमाशंकर निषाद, संदीप निषाद, मनीराम निषाद, राहुल निषाद, कालीचरण निषाद, विनोद निषाद, महेंद्र निषाद, संदीप निषाद, सुनील निषाद, मोहन निषाद, दुर्गेश निषाद, भूपेंद्र निषाद सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

28/10/2025

#उत्तर_भारतीय #मछुआरों की #सेवा_शर्तें व #सुरक्षा के लिए मोस्ट ने #महाराष्ट्र_शासन को दिया #ज्ञापन

#मोस्ट_के_लोगों ने #गेटवे_ऑफ_इंडिया से #मंत्रालय तक ात्रा कर #सौंपा_ज्ञापन, #मछुआरों को #शोषण_मुक्त कराने की #मांग

#मुम्बई। आज दिनांक 24.10.2025 को #समुद्र_में_मछली_पकड़ने वाले #उत्तर_भारतीय_मछुआरों को #जोखिम_पूर्ण #सुरक्षा_शर्तों के दायरे में रखने व उनके #सुरक्षा_संरक्षण व #शोषण_मुक्त #सुनिश्चित कराने के लिए मोस्ट के लोगों द्वारा #गेटवे_ऑफ_इंडिया से मंत्रालय तक पद यात्रा कर #मत्स्य_पालन_विभाग #महाराष्ट्र_सरकार के मंत्री को #मोस्ट_डायरेक्टर #निलंबित_शिक्षक #श्यामलाल_निषाद #गुरूजी Shyam Lal Nishad के नेतृत्व में #ज्ञापन_दिया_गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि हमारा संगठन समाज के कमजोर वर्ग के जीवन की बेहतरी के लिए काम करता है। यहाँ मुंबई क्षेत्र में काम करने वाले उत्तर भारत के मछुआरों की समस्याओं के बारे में कुछ बिंदु हैं। जैसे उत्तर भारतीय मछुआरों को नाव मालिक (नाकवा) द्वारा एक दिन के लिए भी कोई आवास उपलब्ध नहीं कराया जाता है एवं वेतन मुख्य कारक है जो तय नहीं है, मछुआरे समुद्र में खराब मौसम की स्थिति में दिन-रात काम कर रहे हैं। नाव और मछली पकड़ने के जाल में यदि कोई खराबी/क्षति हुई तो इसकी लागत उनके वेतन से काट ली जाती है तथा यदि वे किसी दुर्घटना के शिकार होते हैं और शारीरिक अंग या जीवन की हानि होती है तो नाव मालिक को सभी जिम्मेदारियाँ लेनी चाहिए, बल्कि प्राकृतिक न्याय की अनदेखी कर उन्हें बिना किसी मदद के जबरदस्ती गाँव भेज दिया जाता है, वे किसी भी बीमा पॉलिसी के अंतर्गत कवर नहीं हैं।
मोस्ट कल्याण संस्थान मांग करता है कि उक्त सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए उत्तर भारतीय मछुआरों की कठिनाइयों के समाधान के लिए एक आयोग का गठन किया जाए और समुचित समाधान करने का श्रम किया जाय।
मोस्ट डायरेक्टर निलंबित शिक्षक श्यामलाल निषाद "गुरूजी" ने कहा कि मछुआरों के हित के लिए संघर्ष की शुरुआत हो चुकी है। उक्त मांगें पूरी न होने पर मोस्ट कल्याण संस्थान महाराष्ट्र मंत्रालय के सामने आजाद मैदान में धरना प्रदर्शन करेगा और उत्तर भारतीय मछुआरों को सेवा शर्तें सुनिश्चित कराने तक संघर्ष जारी रहेगा।
ज्ञापन देने वालों में मोस्ट प्रमुख जीशान अहमद, जनरल सेक्रेटरी राम उजागिर यादव, प्रदेश संयोजक रामानंद बौद्ध, जिला संयोजक राकेश कुमार निषाद, पूर्व जिला पंचायत सदस्य छोटेलाल निषाद, सुरेंद्र निषाद, सुरेश निषाद, बृजेश निषाद, वीरेंद्र कुमार निषाद, राम सजीवन निषाद, हरीश निषाद, राकेश निषाद, राहुल निषाद, पवन निषाद, मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र निषाद, राकेश निषाद, रमाकांत मल्लाह, राम सजीवन निषाद, सागर राम ताड़े, उमाशंकर निषाद, संदीप निषाद, मनीराम निषाद, राहुल निषाद, कालीचरण निषाद, विनोद निषाद, महेंद्र निषाद, संदीप निषाद, सुनील निषाद, मोहन निषाद, दुर्गेश निषाद, भूपेंद्र निषाद सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

28/10/2025

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मोस्ट कल्याण संस्थान मांग करता है कि उक्त सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए उत्तर भारतीय मछुआरों की कठिनाइयों के समाधान के लिए एक आयोग का गठन किया जाए और समुचित समाधान करने का श्रम किया जाय।
मोस्ट डायरेक्टर निलंबित शिक्षक श्यामलाल निषाद "गुरूजी" ने कहा कि मछुआरों के हित के लिए संघर्ष की शुरुआत हो चुकी है। उक्त मांगें पूरी न होने पर मोस्ट कल्याण संस्थान महाराष्ट्र मंत्रालय के सामने आजाद मैदान में धरना प्रदर्शन करेगा और उत्तर भारतीय मछुआरों को सेवा शर्तें सुनिश्चित कराने तक संघर्ष जारी रहेगा।
ज्ञापन देने वालों में मोस्ट प्रमुख जीशान अहमद, जनरल सेक्रेटरी राम उजागिर यादव, प्रदेश संयोजक रामानंद बौद्ध, जिला संयोजक राकेश कुमार निषाद, पूर्व जिला पंचायत सदस्य छोटेलाल निषाद, सुरेंद्र निषाद, सुरेश निषाद, बृजेश निषाद, वीरेंद्र कुमार निषाद, राम सजीवन निषाद, हरीश निषाद, राकेश निषाद, राहुल निषाद, पवन निषाद, मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र निषाद, राकेश निषाद, रमाकांत मल्लाह, राम सजीवन निषाद, सागर राम ताड़े, उमाशंकर निषाद, संदीप निषाद, मनीराम निषाद, राहुल निषाद, कालीचरण निषाद, विनोद निषाद, महेंद्र निषाद, संदीप निषाद, सुनील निषाद, मोहन निषाद, दुर्गेश निषाद, भूपेंद्र निषाद सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

28/10/2025

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ज्ञापन में कहा गया है कि हमारा संगठन समाज के कमजोर वर्ग के जीवन की बेहतरी के लिए काम करता है। यहाँ मुंबई क्षेत्र में काम करने वाले उत्तर भारत के मछुआरों की समस्याओं के बारे में कुछ बिंदु हैं। जैसे उत्तर भारतीय मछुआरों को नाव मालिक (नाकवा) द्वारा एक दिन के लिए भी कोई आवास उपलब्ध नहीं कराया जाता है एवं वेतन मुख्य कारक है जो तय नहीं है, मछुआरे समुद्र में खराब मौसम की स्थिति में दिन-रात काम कर रहे हैं। नाव और मछली पकड़ने के जाल में यदि कोई खराबी/क्षति हुई तो इसकी लागत उनके वेतन से काट ली जाती है तथा यदि वे किसी दुर्घटना के शिकार होते हैं और शारीरिक अंग या जीवन की हानि होती है तो नाव मालिक को सभी जिम्मेदारियाँ लेनी चाहिए, बल्कि प्राकृतिक न्याय की अनदेखी कर उन्हें बिना किसी मदद के जबरदस्ती गाँव भेज दिया जाता है, वे किसी भी बीमा पॉलिसी के अंतर्गत कवर नहीं हैं।
मोस्ट कल्याण संस्थान मांग करता है कि उक्त सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए उत्तर भारतीय मछुआरों की कठिनाइयों के समाधान के लिए एक आयोग का गठन किया जाए और समुचित समाधान करने का श्रम किया जाय।
मोस्ट डायरेक्टर निलंबित शिक्षक श्यामलाल निषाद "गुरूजी" ने कहा कि मछुआरों के हित के लिए संघर्ष की शुरुआत हो चुकी है। उक्त मांगें पूरी न होने पर मोस्ट कल्याण संस्थान महाराष्ट्र मंत्रालय के सामने आजाद मैदान में धरना प्रदर्शन करेगा और उत्तर भारतीय मछुआरों को सेवा शर्तें सुनिश्चित कराने तक संघर्ष जारी रहेगा।
ज्ञापन देने वालों में मोस्ट प्रमुख जीशान अहमद, जनरल सेक्रेटरी राम उजागिर यादव, प्रदेश संयोजक रामानंद बौद्ध, जिला संयोजक राकेश कुमार निषाद, पूर्व जिला पंचायत सदस्य छोटेलाल निषाद, सुरेंद्र निषाद, सुरेश निषाद, बृजेश निषाद, वीरेंद्र कुमार निषाद, राम सजीवन निषाद, हरीश निषाद, राकेश निषाद, राहुल निषाद, पवन निषाद, मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र निषाद, राकेश निषाद, रमाकांत मल्लाह, राम सजीवन निषाद, सागर राम ताड़े, उमाशंकर निषाद, संदीप निषाद, मनीराम निषाद, राहुल निषाद, कालीचरण निषाद, विनोद निषाद, महेंद्र निषाद, संदीप निषाद, सुनील निषाद, मोहन निषाद, दुर्गेश निषाद, भूपेंद्र निषाद सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

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ज्ञापन में कहा गया है कि हमारा संगठन समाज के कमजोर वर्ग के जीवन की बेहतरी के लिए काम करता है। यहाँ मुंबई क्षेत्र में काम करने वाले उत्तर भारत के मछुआरों की समस्याओं के बारे में कुछ बिंदु हैं। जैसे उत्तर भारतीय मछुआरों को नाव मालिक (नाकवा) द्वारा एक दिन के लिए भी कोई आवास उपलब्ध नहीं कराया जाता है एवं वेतन मुख्य कारक है जो तय नहीं है, मछुआरे समुद्र में खराब मौसम की स्थिति में दिन-रात काम कर रहे हैं। नाव और मछली पकड़ने के जाल में यदि कोई खराबी/क्षति हुई तो इसकी लागत उनके वेतन से काट ली जाती है तथा यदि वे किसी दुर्घटना के शिकार होते हैं और शारीरिक अंग या जीवन की हानि होती है तो नाव मालिक को सभी जिम्मेदारियाँ लेनी चाहिए, बल्कि प्राकृतिक न्याय की अनदेखी कर उन्हें बिना किसी मदद के जबरदस्ती गाँव भेज दिया जाता है, वे किसी भी बीमा पॉलिसी के अंतर्गत कवर नहीं हैं।
मोस्ट कल्याण संस्थान मांग करता है कि उक्त सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए उत्तर भारतीय मछुआरों की कठिनाइयों के समाधान के लिए एक आयोग का गठन किया जाए और समुचित समाधान करने का श्रम किया जाय।
मोस्ट डायरेक्टर निलंबित शिक्षक श्यामलाल निषाद "गुरूजी" ने कहा कि मछुआरों के हित के लिए संघर्ष की शुरुआत हो चुकी है। उक्त मांगें पूरी न होने पर मोस्ट कल्याण संस्थान महाराष्ट्र मंत्रालय के सामने आजाद मैदान में धरना प्रदर्शन करेगा और उत्तर भारतीय मछुआरों को सेवा शर्तें सुनिश्चित कराने तक संघर्ष जारी रहेगा।
ज्ञापन देने वालों में मोस्ट प्रमुख जीशान अहमद, जनरल सेक्रेटरी राम उजागिर यादव, प्रदेश संयोजक रामानंद बौद्ध, जिला संयोजक राकेश कुमार निषाद, पूर्व जिला पंचायत सदस्य छोटेलाल निषाद, सुरेंद्र निषाद, सुरेश निषाद, बृजेश निषाद, वीरेंद्र कुमार निषाद, राम सजीवन निषाद, हरीश निषाद, राकेश निषाद, राहुल निषाद, पवन निषाद, मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र निषाद, राकेश निषाद, रमाकांत मल्लाह, राम सजीवन निषाद, सागर राम ताड़े, उमाशंकर निषाद, संदीप निषाद, मनीराम निषाद, राहुल निषाद, कालीचरण निषाद, विनोद निषाद, महेंद्र निषाद, संदीप निषाद, सुनील निषाद, मोहन निषाद, दुर्गेश निषाद, भूपेंद्र निषाद सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

28/10/2025

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मोस्ट कल्याण संस्थान मांग करता है कि उक्त सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए उत्तर भारतीय मछुआरों की कठिनाइयों के समाधान के लिए एक आयोग का गठन किया जाए और समुचित समाधान करने का श्रम किया जाय।
मोस्ट डायरेक्टर निलंबित शिक्षक श्यामलाल निषाद "गुरूजी" ने कहा कि मछुआरों के हित के लिए संघर्ष की शुरुआत हो चुकी है। उक्त मांगें पूरी न होने पर मोस्ट कल्याण संस्थान महाराष्ट्र मंत्रालय के सामने आजाद मैदान में धरना प्रदर्शन करेगा और उत्तर भारतीय मछुआरों को सेवा शर्तें सुनिश्चित कराने तक संघर्ष जारी रहेगा।
ज्ञापन देने वालों में मोस्ट प्रमुख जीशान अहमद, जनरल सेक्रेटरी राम उजागिर यादव, प्रदेश संयोजक रामानंद बौद्ध, जिला संयोजक राकेश कुमार निषाद, पूर्व जिला पंचायत सदस्य छोटेलाल निषाद, सुरेंद्र निषाद, सुरेश निषाद, बृजेश निषाद, वीरेंद्र कुमार निषाद, राम सजीवन निषाद, हरीश निषाद, राकेश निषाद, राहुल निषाद, पवन निषाद, मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र निषाद, राकेश निषाद, रमाकांत मल्लाह, राम सजीवन निषाद, सागर राम ताड़े, उमाशंकर निषाद, संदीप निषाद, मनीराम निषाद, राहुल निषाद, कालीचरण निषाद, विनोद निषाद, महेंद्र निषाद, संदीप निषाद, सुनील निषाद, मोहन निषाद, दुर्गेश निषाद, भूपेंद्र निषाद सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

28/10/2025

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मोस्ट डायरेक्टर निलंबित शिक्षक श्यामलाल निषाद "गुरूजी" ने कहा कि मछुआरों के हित के लिए संघर्ष की शुरुआत हो चुकी है। उक्त मांगें पूरी न होने पर मोस्ट कल्याण संस्थान महाराष्ट्र मंत्रालय के सामने आजाद मैदान में धरना प्रदर्शन करेगा और उत्तर भारतीय मछुआरों को सेवा शर्तें सुनिश्चित कराने तक संघर्ष जारी रहेगा।
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28/10/2025

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ज्ञापन में कहा गया है कि हमारा संगठन समाज के कमजोर वर्ग के जीवन की बेहतरी के लिए काम करता है। यहाँ मुंबई क्षेत्र में काम करने वाले उत्तर भारत के मछुआरों की समस्याओं के बारे में कुछ बिंदु हैं। जैसे उत्तर भारतीय मछुआरों को नाव मालिक (नाकवा) द्वारा एक दिन के लिए भी कोई आवास उपलब्ध नहीं कराया जाता है एवं वेतन मुख्य कारक है जो तय नहीं है, मछुआरे समुद्र में खराब मौसम की स्थिति में दिन-रात काम कर रहे हैं। नाव और मछली पकड़ने के जाल में यदि कोई खराबी/क्षति हुई तो इसकी लागत उनके वेतन से काट ली जाती है तथा यदि वे किसी दुर्घटना के शिकार होते हैं और शारीरिक अंग या जीवन की हानि होती है तो नाव मालिक को सभी जिम्मेदारियाँ लेनी चाहिए, बल्कि प्राकृतिक न्याय की अनदेखी कर उन्हें बिना किसी मदद के जबरदस्ती गाँव भेज दिया जाता है, वे किसी भी बीमा पॉलिसी के अंतर्गत कवर नहीं हैं।
मोस्ट कल्याण संस्थान मांग करता है कि उक्त सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए उत्तर भारतीय मछुआरों की कठिनाइयों के समाधान के लिए एक आयोग का गठन किया जाए और समुचित समाधान करने का श्रम किया जाय।
मोस्ट डायरेक्टर निलंबित शिक्षक श्यामलाल निषाद "गुरूजी" ने कहा कि मछुआरों के हित के लिए संघर्ष की शुरुआत हो चुकी है। उक्त मांगें पूरी न होने पर मोस्ट कल्याण संस्थान महाराष्ट्र मंत्रालय के सामने आजाद मैदान में धरना प्रदर्शन करेगा और उत्तर भारतीय मछुआरों को सेवा शर्तें सुनिश्चित कराने तक संघर्ष जारी रहेगा।
ज्ञापन देने वालों में मोस्ट प्रमुख जीशान अहमद, जनरल सेक्रेटरी राम उजागिर यादव, प्रदेश संयोजक रामानंद बौद्ध, जिला संयोजक राकेश कुमार निषाद, पूर्व जिला पंचायत सदस्य छोटेलाल निषाद, सुरेंद्र निषाद, सुरेश निषाद, बृजेश निषाद, वीरेंद्र कुमार निषाद, राम सजीवन निषाद, हरीश निषाद, राकेश निषाद, राहुल निषाद, पवन निषाद, मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र निषाद, राकेश निषाद, रमाकांत मल्लाह, राम सजीवन निषाद, सागर राम ताड़े, उमाशंकर निषाद, संदीप निषाद, मनीराम निषाद, राहुल निषाद, कालीचरण निषाद, विनोद निषाद, महेंद्र निषाद, संदीप निषाद, सुनील निषाद, मोहन निषाद, दुर्गेश निषाद, भूपेंद्र निषाद सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

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