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17/07/2026

US Agriseeds का बरसाती हाइब्रिड बाजरा US 7773
Us 7773 Bajra ki jankari
Best variety of Millet seeds us 7773
BAJRA ki kheti
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🌱🌾 हरी खाद के फायदे, आइए जानते हैंहरी खाद (जैसे ढैंचा, सनई, मूंग, लोबिया) को फूल आने से पहले खेत में पलट दिया जाता है। इ...
16/07/2026

🌱🌾 हरी खाद के फायदे, आइए जानते हैं

हरी खाद (जैसे ढैंचा, सनई, मूंग, लोबिया) को फूल आने से पहले खेत में पलट दिया जाता है। इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और फसल को कई लाभ मिलते हैं।

🌿 हरी खाद के प्रमुख फायदे

✅ मिट्टी में जैविक पदार्थ (Organic Matter) की मात्रा बढ़ाती है।

✅ मिट्टी की संरचना, जलधारण क्षमता और वायु संचार में सुधार करती है।

✅ वायुमंडलीय नाइट्रोजन को स्थिर (Fix) करके फसल को उपलब्ध कराती है।

✅ रासायनिक उर्वरकों, विशेषकर यूरिया की आवश्यकता कुछ हद तक कम करने में मदद करती है।

✅ मिट्टी में लाभकारी सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ाती है।

✅ जड़ों का विकास बेहतर होता है और पौधों की बढ़वार तेज होती है।

✅ मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है।

✅ कई खरपतवारों के विकास को दबाने में भी मदद मिलती है।

🌾 हरी खाद कब पलटें?

बुवाई के 45–50 दिन बाद या फूल आने की अवस्था में हरी खाद को खेत में पलट दें।

पलटने के बाद 15–20 दिन का समय दें, ताकि हरी खाद अच्छी तरह सड़ जाए।
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हाँ, यह सलाह उचित है, लेकिन इसे पूर्ण रूप में लिखना बेहतर होगा क्योंकि केवल यूरिया बंद कर देने से रोग नहीं रुकता।⚠️ धान ...
16/07/2026

हाँ, यह सलाह उचित है, लेकिन इसे पूर्ण रूप में लिखना बेहतर होगा क्योंकि केवल यूरिया बंद कर देने से रोग नहीं रुकता।

⚠️ धान की फसल में बकानी (Bakanae) रोग होने पर यूरिया लगाने से बचें

यदि धान की फसल में बकानी रोग का प्रकोप दिखाई दे रहा है, तो यूरिया (नाइट्रोजन) का अधिक प्रयोग न करें। अधिक नाइट्रोजन देने से पौधों की कोमल बढ़वार बढ़ती है, जिससे रोग का प्रभाव और फैलाव बढ़ सकता है।

✅ रोगग्रस्त पौधों को तुरंत उखाड़कर नष्ट करें।
✅ खेत में जलभराव न होने दें और उचित जल निकासी बनाए रखें।
✅ कृषि विशेषज्ञ की सलाह से प्रोपिकोनाज़ोल 25% EC या टेबुकोनाज़ोल 25.9% EC @ 1 मि.ली./लीटर पानी का छिड़काव करें।
✅ रोग कम होने के बाद ही आवश्यकता अनुसार संतुलित मात्रा में नाइट्रोजन का प्रयोग करें।

📌 याद रखें: बकानी रोग मुख्यतः बीजजनित (Seed-borne) रोग है, इसलिए इसकी सबसे प्रभावी रोकथाम स्वस्थ बीज और बीजोपचार है।

किसानों के लिए जरूरी सूचना
16/07/2026

किसानों के लिए जरूरी सूचना

🌾 धान की फसल में शीथ ब्लाइट (Sheath Blight) की पहचान और दवा🔍 रोग की पहचान1️⃣ 🌿 पत्तियों के आवरण (Leaf Sheath) पर अंडाकार...
15/07/2026

🌾 धान की फसल में शीथ ब्लाइट (Sheath Blight) की पहचान और दवा

🔍 रोग की पहचान

1️⃣ 🌿 पत्तियों के आवरण (Leaf Sheath) पर अंडाकार या अनियमित हरे-भूरे धब्बे दिखाई देते हैं।

2️⃣ बाद में ये धब्बे सफेद-भूरे (Grayish White) केंद्र और भूरे किनारों वाले बड़े धब्बों में बदल जाते हैं।

3️⃣ 🍂 रोग बढ़ने पर पत्तियाँ सूखने लगती हैं और पूरा पौधा प्रभावित हो सकता है।

4️⃣ 🌾 अधिक नमी, घनी फसल और लगातार पानी रहने पर रोग तेजी से फैलता है।

💊 नियंत्रण के लिए प्रभावी दवाएं (प्रति एकड़)

✅ वैलिडामाइसिन 3% L – 400–500 मि.ली.

या

✅ हेक्साकोनाज़ोल 5% EC – 200–300 मि.ली.

या

✅ एज़ॉक्सीस्ट्रोबिन 18.2% + डाइफेनोकोनाज़ोल 11.4% SC – 200 मि.ली.

👉 150–200 लीटर पानी में मिलाकर समान रूप से स्प्रे करें। आवश्यकता होने पर 10–12 दिन बाद दूसरा स्प्रे करें।

🌱 बचाव के उपाय

खेत में अत्यधिक नाइट्रोजन (यूरिया) का प्रयोग न करें।

पौधों के बीच उचित दूरी रखें।

रोगग्रस्त पत्तियों को खेत में फैलने न दें।

संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाएँ और नियमित निगरानी करें।

#धान

15/07/2026

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कृषि रसायन नाका प्लस एस
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15/07/2026

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🌾 बाजरा की टॉप वैरायटी – बायर 9450 (Bayer 9450)बायर 9450 बाजरा की एक लोकप्रिय हाईब्रिड वैरायटी है, जिसे किसान इसकी अच्छी...
14/07/2026

🌾 बाजरा की टॉप वैरायटी – बायर 9450 (Bayer 9450)

बायर 9450 बाजरा की एक लोकप्रिय हाईब्रिड वैरायटी है, जिसे किसान इसकी अच्छी उपज और मजबूत पौधों के कारण पसंद करते हैं।

🌟 प्रमुख विशेषताएं

✅ अधिक उत्पादन क्षमता
✅ मजबूत एवं स्वस्थ पौधे
✅ अच्छी टिलरिंग (कल्ले)
✅ दाने अच्छी गुणवत्ता के
✅ विभिन्न प्रकार की मिट्टियों में अच्छा प्रदर्शन
✅ समय पर प्रबंधन करने पर अच्छी पैदावार

🌱 बुवाई का समय

उत्तर भारत: जून के अंत से जुलाई के मध्य तक सबसे उपयुक्त।

🌾 बीज दर

1.5–2 किलोग्राम प्रति एकड़

📢 सलाह

बायर 9450 से बेहतर उत्पादन के लिए संतुलित उर्वरक, समय पर खरपतवार नियंत्रण तथा कीट एवं रोग प्रबंधन अवश्य करें।

#बाजरा #खरीफ #कृषि_सलाह

14/07/2026

घरडा केमिकल्स का अनिलो गार्ड
GHARDA ANILOGUARD ( ANILOPHOS)
धान का KHARPATWARNASHAK

🌾 धान की फसल में पहली यूरिया के साथ जिंक सल्फेट और ह्यूमिक एसिड का करें प्रयोगधान की रोपाई के 20–25 दिन बाद पहली यूरिया ...
14/07/2026

🌾 धान की फसल में पहली यूरिया के साथ जिंक सल्फेट और ह्यूमिक एसिड का करें प्रयोग

धान की रोपाई के 20–25 दिन बाद पहली यूरिया देते समय, यदि खेत में जिंक की कमी की संभावना हो, तो जिंक सल्फेट और ह्यूमिक एसिड का प्रयोग करना लाभदायक रहता है।

✅ प्रति एकड़ अनुशंसित मात्रा

🌿 यूरिया: 45–50 किलोग्राम

🌾 जिंक सल्फेट 33%: 10 किलोग्राम (यदि पहले नहीं डाला हो या कमी हो)

🌱 ह्यूमिक एसिड 98%: 500 ग्राम–1 किलोग्राम

🌟 फायदे

✅ जड़ों का तेजी से विकास होता है।

✅ पौधों में अधिक कल्ले (Tillers) निकलते हैं।

✅ यूरिया और अन्य पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है।

✅ जिंक की कमी से होने वाला पीलापन कम होता है।

✅ पौधे हरे-भरे, मजबूत और स्वस्थ बनते हैं।

✅ फसल की बढ़वार अच्छी होती है और बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिलती है।

⚠️ ध्यान दें:

यदि रोपाई से पहले जिंक सल्फेट दिया जा चुका है और मिट्टी में जिंक की कमी नहीं है, तो पहली यूरिया के साथ दोबारा जिंक डालने की आवश्यकता नहीं होती।

उर्वरकों का प्रयोग मिट्टी परीक्षण और स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार करें।

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Sasni
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