12/05/2026
परीक्षा फिर से निरस्त कर दी गई है। यह मात्र एक परीक्षा का निरस्तीकरण नहीं है, बल्कि करोड़ों प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के मन में एक बड़ा प्रश्न खड़ा हो गया है—क्या मोदी सरकार परीक्षाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न करा पाएगी?
90 से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार सरकार जवाब देने से बचती रही है। न ही अब तक पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का कोई ठोस समाधान निकाल पाई है। आखिर कब तक देश के छात्रों के भविष्य को पूंजीपतियों के हाथों बेचा जाएगा? इसका जिम्मेदार
कौन है?
जवाब दो,
अमीर हमजा
महा सचिव
विधान सभा महमूदाबाद 151
आम आदमी पार्टी सीतापुर
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