AIRTU नरेंद्र पांचाल

AIRTU नरेंद्र पांचाल My page raises all kinds news

ऑल इंडिया रेलवे ट्रैकमेंटेनर यूनियन, पश्चिम रेलवे, मुंबईसंघर्ष के साथी, जोनल कोषाध्यक्ष श्री Bhagwan Shay Meena को सीनिय...
10/06/2026

ऑल इंडिया रेलवे ट्रैकमेंटेनर यूनियन, पश्चिम रेलवे, मुंबई
संघर्ष के साथी, जोनल कोषाध्यक्ष श्री Bhagwan Shay Meena को सीनियर कमर्शियल (टिकट क्लर्क) पद पर चयनित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
🌹🌹🌹🎁🎁🎁🎁
आपके उज्जवल भविष्य और निरंतर सफलता की कामना करता है।

*प्रिय ट्रैकमेन साथियों और AIRTU के जांबाज सदस्यों, AIRTU (ऑल इंडिया रेलवे ट्रैकमेन यूनियन) लगातार हर स्तर पर संघर्षरत ह...
07/06/2026

*प्रिय ट्रैकमेन साथियों और AIRTU के जांबाज सदस्यों, AIRTU (ऑल इंडिया रेलवे ट्रैकमेन यूनियन) लगातार हर स्तर पर संघर्षरत है।*
आज जब हम 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) के मुहाने पर खड़े हैं, तो इस नए वित्तीय प्रस्ताव (Per-Kilometer Patrolling Allowance) के माध्यम से हमारी वर्षों की तपस्या, निष्ठा और जमीनी संघर्ष रंग लाता हुआ दिखाई दे रहा है। आपके और AIRTU के इसी 'कंधे से कंधा मिलाकर' किए गए ऐतिहासिक संघर्ष की बदौलत इस बार 8वें वेतन आयोग में हमें एक बहुत बड़ी और अभूपूर्व आर्थिक उपलब्धि मिलने की पूरी-पूरी उम्मीद है!यह आज AIRTU के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हमारे जागृत और शिक्षित ट्रैकमेंटेनर्स की ही वैचारिक देन है, जिसकी बदौलत AIRTU हर रोज आप लोगों के हक के लिए नए-नए भत्तों और लाभों की खोज में पूरी शिद्दत से लगा हुआ है। आपकी जागरूकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।साथियों, सबसे बड़ी और गर्व की बात यह है कि यह भत्ता हमें रनिंग स्टाफ के लोको पायलट और गार्ड्स को मिलने वाले किलोमीटर भत्ते (Kilometerage Allowance) की तर्ज पर मिलने की पूरी उम्मीद है! जिस तरह उनके द्वारा तय की गई दूरी के आधार पर उनका माइलेज और भत्ता तय होता है, ठीक उसी तर्ज पर अब हमारे ट्रैकमेन भाइयों की हाड़-तोड़ पैदल दूरी का भी पूरा हिसाब रखा जाएगा।आइए इस नए प्रस्ताव के आंकड़ों और वर्तमान 60% महंगाई भत्ते (DA) के गणित के आधार पर हम यह समझें कि विपरीत परिस्थितियों में ड्यूटी करने पर हमारे एक ट्रैकमेन भाई को एक ही दिन (एक शिफ्ट) में कितना बड़ा वित्तीय लाभ मिलने की प्रबल संभावना बन रही है:

📊 समझिए आपकी मेहनत का अनुमानित हिसाब (एक शिफ्ट का कुल दैनिक लाभ):
*1. शीतकालीन पेट्रोलिंग (Cold Weather Patrolling):सर्दियों की रातों में रेल फ्रैक्चर का पता लगाने के लिए की जाने वाली लगभग 20 किलोमीटर की औसत पेट्रोलिंग पर ₹40 प्रति किमी की संशोधित दर से ₹800 प्रति शिफ्ट मिलने की उम्मीद है*
इसके साथ ही, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच जान जोखिम में डालकर काम करने के बदले मिलने वाले नाईट ड्यूटी अलाउंस (NDA) (अनुमानित ₹150 से ₹200) को अगर जोड़ दिया जाए, तो कड़कड़ाती ठंड में रात को ट्रैक की सुरक्षा करने वाले हमारे भाइयों को प्रतिदिन/शिफ्ट कुल ₹950 से ₹1000 तक का सीधा आर्थिक लाभ मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

*2. मानसून पेट्रोलिंग (Monsoon Patrolling):भारी बारिश, भूस्खलन और जलभराव के खतरों के बीच की जाने वाली पेट्रोलिंग पर ₹32 प्रति किमी की संशोधित दर से तथा नाइट अलाउंस को मिलाकर प्रति शिफ्ट लगभग ₹640 से ₹800 तक का कुल दैनिक लाभ मिलने का मजबूत अनुमान है।*

*3.ग्रीष्मकालीन पेट्रोलिंग (Hot Weather Patrolling):भीषण गर्मी और दोपहर की तपती धूप में ट्रैक बकलिंग को रोकने के लिए की जाने वाली पेट्रोलिंग पर ₹24 प्रति किमी की संशोधित दर के आधार पर प्रति शिफ्ट लगभग ₹480 से ₹650 तक का लाभ मिलने की पूरी आशा है।*

मैं संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाते पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ आप सभी जांबाज भाइयों से यह कहना चाहता हूँ:
*"हम आपके कार्य की कठिन और पथरीली परिस्थितियों को रातों-रात बदल तो नहीं सकते, मगर आपकी इस हाड़-तोड़ मेहनत के बदले आपको पूरा लाभ, हक और सम्मानजनक भत्ते दिलाने के लिए रेलवे प्रशासन और रेल मंत्रालय के समक्ष आपकी मांगों को पूरी ताकत से रख सकते हैं और हर हाल में रखकर रहेंगे!"*

मेरी आप सभी से पुरजोर अपील है कि आप पूरी तरह एकजुट होकर अपने संघ का नेतृत्व करने वाले पदाधिकारियों को मजबूत बनाइये। जब संगठन के हाथ मजबूत होंगे, तो रेलवे प्रशासन को हमारी हर जायज मांग के आगे झुकना ही पड़ेगा। आप बस एकता की ताकत दिखाइए, फिर देखना सफलता कैसे खुद चलकर आपके दरवाजे आकर खड़ी होगी।यह प्रस्ताव केवल कागज़ का एक टुकड़ा नहीं है, बल्कि रात-दिन पटरियों पर पैदल चलने वाले हमारे भाइयों के पसीने की हर एक बूंद का वास्तविक हिसाब है। हम इसे मीडिया, सोशल मीडिया और प्रशासन के हर ऊंचे पटल पर मजबूती से प्रसारित कर रहे हैं ताकि आपकी आवाज को दबाया न जा सके।आप सभी साथी इसी तरह एकजुट रहें, हमारा यह सामूहिक संघर्ष अपनी मंजिल तक पहुँचने वाला है। याद रखिए, हमारी एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है और इस बार जीत हमारी बिल्कुल तय है!एकजुट रहें, संघर्ष जारी रहेगा!
*इंकलाब जिंदाबाद!रेलवे ट्रैकमेन एकता—जिंदाबाद!*

आपका साथी:-

*नरेंद्र पांचाल/राष्ट्रीय अध्यक्ष, AIRTU(ऑल इंडिया रेलवे ट्रैकमेन यूनियन)*
व्हाट्सएप ग्रुप से आप जुड़ सकते हैं...
https://whatsapp.com/channel/0029VbCQe565Ejxwh1iJ1E38

*✊ ऑल इंडिया रेलवे ट्रैकमेंटेनर यूनियन (AIRTU) ✊📢 सभी रेल रेलकर्मियों के नाम एक महत्वपूर्ण संदेश:-ICF में अब नही होगा स्...
05/06/2026

*✊ ऑल इंडिया रेलवे ट्रैकमेंटेनर यूनियन (AIRTU) ✊📢 सभी रेल रेलकर्मियों के नाम एक महत्वपूर्ण संदेश:-
ICF में अब नही होगा स्टाफ काउंसिल माननीय न्यायालय के आदेश पर होंगे दिनांक-18.06.2026 को ICF चेन्नई में मान्यता के चुनाव................................ये चुनाव गुप्त मतदान प्रक्रिया से होंगे * कानूनी लड़ाई और हमारे अधिकारों की हकीकत*

📢*प्रिय रेल भाइयों और बहनों,जैसा कि आप सभी जानते हैं, वर्ष 2024 में हुए क्षेत्रीय रेलवे के मान्यता चुनावों में हमारी यूनियन AIRTU को केवल नाम में "ट्रैकमेन्टेनर्" शब्द होने के तकनीकी बहाने से चुनाव प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया था।*
रेलवे प्रशासन का यह कदम न सिर्फ अन्यायपूर्ण था, बल्कि हमारे मूल अधिकारों पर भी आघात था।हम आज पूरी जिम्मेदारी और तथ्यात्मक रूप से यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि:

*हमारा संविधान सबके लिए है:* AIRTU के आधिकारिक संविधान के अनुसार, हमारी यूनियन किसी एक विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी रेल कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने और उनके हक की लड़ाई लड़ने के लिए कानूनी रूप से अधिकृत है।
*कानूनी लड़ाई मजबूती से जारी है:* इस अन्याय के खिलाफ हमारी यूनियन ने बॉम्बे हाई कोर्ट में वर्ष 2025 से एक मजबूत याचिका (Petition) दायर कर रखी है। हमारी मुख्य मांग है कि
*इन चुनावों को दोबारा कराया जाए ताकि हर रेल कर्मचारी को अपना सही प्रतिनिधि चुनने का लोकतांत्रिक अधिकार मिल सके।*
साथियों, कोर्ट में चल रहा यह इंतजार हमारी कमजोरी नहीं, बल्कि हमारी कानूनी मजबूती का आधार है!न्याय मिलने में थोड़ा समय जरूर लग रहा है, लेकिन जब फैसला आएगा, तो वह ऐतिहासिक होगा और हर एक रेल कर्मचारी के हक में होगा। जैसे देश की अन्य बड़ी उत्पादन इकाइयों (जैसे ICF चेन्नई) में वर्षों की कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार कर्मचारियों की जीत हुई और गुप्त मतदान का अधिकार मिला, वैसे ही बॉम्बे हाई कोर्ट से AIRTU को भी न्याय मिलना निश्चित है।हमारी अपील:
* किसी भी प्रकार की अफवाहों या विरोधियों के भ्रामक प्रचार पर ध्यान न दें।
* अपनी एकता को बनाए रखें और संगठन के प्रति अटूट विश्वास रखें।
* हम सिर्फ पटरियों की रक्षा नहीं करते, हम पूरे रेल परिवार के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।कानून और सच्चाई हमारे साथ है। जीत हमारी ही होगी!
*इंकलाब जिंदाबाद! रेल कर्मचारी एकता जिंदाबाद!*
*आपका अपना संगठन — ऑल इंडिया रेलवे ट्रैकमेंटेनर यूनियन (AIRTU)*

02/06/2026

आज मैंने अपने गावँ में बुजुर्ग महिलाओं की खेल प्रतियोगिता रखी,
जिसका एक वीडियो आप लोगो के बीच सांझा कर रहा हूँ।अक्सर मैं अपने गावँ के #छोटे बच्चों से लेकर बड़े #बुजुर्गों के बीच इन प्रतियोगिताओ का आयोजन करता रहता हूँ।इस बच्चों का ध्यान मोबाइल से दूर रहता है और बुजुर्गों को उनके बीते #बचपन की याद दिलाने की कोशिश करता हूँ।
आपका दोस्त... AIRTU चेयरमैन नरेंद्र पांचाल

1. अम्बाला मण्डल के अंतर्गत विभिन्न सेक्शनों/गैंगों में कार्यरत ट्रैकमेंटेनर कर्मचारियों के लिए वर्तमान में प्रभावी आधिक...
01/06/2026

1. अम्बाला मण्डल के अंतर्गत विभिन्न सेक्शनों/गैंगों में कार्यरत ट्रैकमेंटेनर कर्मचारियों के लिए वर्तमान में प्रभावी आधिकारिक ड्यूटी रोस्टर (Duty Roster) की एक सत्यापित प्रतिलिपि प्रदान करें।
2. H**R (Hours of Employment Regulations) के तहत इन ट्रैकमेंटेनर कर्मचारियों को किस श्रेणी (जैसे- Continuous / Essential Intermittent आदि) में वर्गीकृत किया गया है, उससे संबंधित आधिकारिक आदेश/दस्तावेज़ की सत्यापित प्रति प्रदान करें।
3. गर्मियों के मौसम (Summer Season) के लिए ट्रैकमेंटेनर कर्मचारियों के कार्य समय (Working Hours) और लंच ब्रेक (Split Duty Break) के संबंध में मण्डल प्रशासन द्वारा जारी किए गए विशिष्ट दिशा-निर्देशों या रोस्टर की प्रतिलिपि दें।
4. यदि कर्मचारियों से स्प्लिट ड्यूटी (जैसे: 07:00 से 11:30 और फिर 15:00 से 18:30) ली जा रही है, तो H**R नियमों के तहत इस प्रकार के लंबे विश्राम काल (Break) और कुल 11:30 घंटे की ऑन-ड्यूटी व्यवस्था को मंजूरी देने वाले सक्षम प्राधिकारी के आदेश की प्रति प्रदान करें।
आज मैंने अपने ट्रैक मेंटेनर साथियों के लिए यह आरटीआई फाइल की है आप सब भी अपने-अपने मंडलों में इस आरटीआई को फाइल करें ताकि आपके लिए ओवरटाइम भत्ता जल्द से जल्द लागू कराया जा सके और निरंतर 8 घंटे ड्यूटी लेने के पश्चात आप अपने परिवार के साथ समय व्यतीत कर सकें।

आपका साथी
नरेन्द्र पांचाल

*भारतीय रेलवे के सभी जांबाज और कर्मठ ट्रैकमैनटेनर साथियों के लिए एक बेहद जरूरी संदेश!*साथियों, यह लड़ाई किसी एक मंडल की ...
30/05/2026

*भारतीय रेलवे के सभी जांबाज और कर्मठ ट्रैकमैनटेनर साथियों के लिए एक बेहद जरूरी संदेश!*
साथियों, यह लड़ाई किसी एक मंडल की नहीं, बल्कि पूरे देश के लाखों ट्रैकमैनटेनर्स के हक की है। *रेलवे बोर्ड ने वर्ष 2017 में RBE No. 93/2017 जारी किया और जब अधिकारियों ने लापरवाही बरती, तो दोबारा नाराजगी जताते हुए RBE No. 44/2023 जारी कर इस भत्ते को कड़ाई से लागू करने का आदेश दिया।*
इसके बावजूद, भारतीय रेलवे के कई मंडलों (Divisions) में बैठे अधिकारी इस नीति को दबाकर बैठे हैं *और हमारे भाइयों का जायज 'साइकिल अनुरक्षण भत्ता' और 2017 से आज तक का पूरा एरियर (बकाया राशि) नहीं दे रहे हैं।📢*
जागिए, संगठित होइए और कानून की ताकत पहचानिए!अधिकारियों की इस सुस्ती और अनदेखी को तोड़ने का समय आ चुका है। जब तक हम अपने-अपने मंडलों से सवाल नहीं पूछेंगे, प्रशासन गहरी नींद से नहीं जागेगा।
*सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 हमारा वह कानूनी हथियार है,*
जिसका जवाब देने से कोई भी बड़ा से बड़ा अधिकारी कतरा नहीं सकता।जब देश के सभी मंडलों से एक साथ सैकड़ों ट्रैकमैन भाई अपने हक के रिकॉर्ड की मांग करेंगे, तो रेलवे प्रशासन पर एक अभूतपूर्व दबाव बनेगा। मंडल स्तर के अधिकारियों को यह समझ आ जाएगा कि अब ट्रैकमैन जागरूक हो चुका है और उसे गुमराह नहीं किया जा सकता।
*अत कृपया करके अधिक से अधिक ट्रैकमेंटेनर साथी अपने-अपने मंडल में इस तरीके की RTI फाइल करें*

*🔥 एक कदम बढ़ाएं, अपने हक के लिए आवाज उठाएं!*

साथियों, रेलवे की पटरियों को सुरक्षित रखने के लिए हम दिन-रात धूप, छांव और बरसात में पसीना बहाते हैं। जो हमारा हक है, उसे हम अधिकारियों की फाइलों में बंद नहीं रहने देंगे। ₹10 की यह RTI आपके हज़ारों रुपये के एरियर का रास्ता साफ कर सकती है।इस संदेश को भारतीय रेलवे के हर एक ट्रैकमैन ग्रुप, हर एक साथी और हर एक यूनियन तक पहुंचाएं ताकि पूरे देश में जागरूकता की एक लहर दौड़ जाए।
यदि किसी साथी को ऑनलाइन RTI लगानी नहीं आती है तो यूट्यूब के माध्यम से देखकर भी *Online RTI* लगा सकते हैं
*हक मांगो नहीं, कानून के दम पर अपना हक छीनना सीखो! आत्मनिर्भर बनो*
जय हिंद, जय रेल कर्मचारी! 🛠️💪*
आपका शुभचिंतक
*नरेंद्र पांचाल*
https://whatsapp.com/channel/0029VbCQe565Ejxwh1iJ1E38

*🚩 वनस्थली के जांबाज ट्रैकमैन साथियों को क्रांतिकारी सलाम!* 🚩"*जहाँ न्याय के लिए हौसले बुलंद होते हैं, वहाँ जीत इतिहास ब...
29/05/2026

*🚩 वनस्थली के जांबाज ट्रैकमैन साथियों को क्रांतिकारी सलाम!*
🚩"

*जहाँ न्याय के लिए हौसले बुलंद होते हैं, वहाँ जीत इतिहास बनती है!"ऑल इंडिया रेलवे ट्रैकमेन्टेनर्स यूनियन (AIRTU) की ओर से वनस्थली (Banasthali Niwai) के सभी जागरूक और जांबाज ट्रैकमैन कर्मचारियों का सह-हृदय धन्यवाद और क्रांतिकारी आभार!*
AIRTU के ग्रुप से जुड़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर जाए--

https://whatsapp.com/channel/0029VbCQe565Ejxwh1iJ1E38

🙏साथियों, सवाई माधोपुर GRP थाने की उस अन्यायपूर्ण घटना के बाद, अगर आज हमें यह ऐतिहासिक जीत मिली है और क्रॉस FIR दर्ज हुई है, तो इसका पूरा श्रेय आपकी सजगता, आपकी त्वरित जागरूकता और आपकी अटूट एकता को जाता है।जब सिस्टम और प्रशासन हमारे साथियों की आवाज़ को दबाने की कोशिश कर रहे थे, तब वनस्थली के हमारे साथियों ने न केवल अन्याय के खिलाफ मोर्चा संभाला,*बल्कि पूरे संगठन को एक सूत्र में पिरोकर यह साबित कर दिया कि ट्रैकमेन का आत्मसम्मान सर्वोपरि है।*

*🌟 वनस्थली के साथियों ने दिखाया रास्ता:जागरूकता की मिसाल:* आपकी सजगता ने साबित कर दिया कि हम सिर्फ पटरियों की सुरक्षा ही नहीं करते, बल्कि अपने अधिकारों की रक्षा करना भी जानते हैं।
*अखंड एकता की ताकत:* संकट की घड़ी में आप सभी जिस तरह चट्टान बनकर खड़े रहे, उसने विरोधियों के हौसले पस्त कर दिए।
*जीत की नींव:*
आपकी इसी तत्परता ने आज पूरे AIRTU संगठन को यह ऐतिहासिक जीत दिलाई है।अपने खून-पसीने से रेल की सुरक्षा करने वाले वनस्थली के वीरों, आपकी इस सजगता ने पूरे देश के ट्रैकमेन्टेनर्स को एक नई दिशा और हौसला दिया है। हमें गर्व है आप जैसे जागरूक और अनुशासित साथियों पर!

*वनस्थली के जागरूक ट्रैकमैन साथी ज़िंदाबाद!*
*✊AIRTU एकता अमर रहे! 🚩मज़दूर एकता ज़िंदाबाद! 🤝*
*नरेंद्र पांचाल/AIRTU राष्ट्रीय अध्यक्ष*

28/05/2026

"ऑल इंडिया रेलवे ट्रैकमेंटेनर यूनियन (AIRTU) ऑन-ड्यूटी रेल कर्मचारियों के उत्पीड़न और क्षेत्रवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करती है!"आज दिनांक 28 मई 2026 को उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल के अंतर्गत एक बेहद शर्मनाक और निंदनीय घटना सामने आई है। ट्रेन संख्या 12481 (Intercity Express) में शकूरबस्ती से जींद के बीच यात्रा कर रहे हमारे सम्मानित सदस्य और ब्लैकस्मिथ एमसीएम (जींद क्षेत्र) श्री सुभाष जी और उनके साथ ऑन-ड्यूटी तैनात ट्रैकमैन साथी:श्री राजेश (गैंग नंबर-33A, HRMS ID: TJBTMM)श्री छतर सिंह (गैंग नंबर-33A, HRMS ID: TMLMOB)श्री दीपक (USFD विभाग, ADEN/JIND)श्री अजय (USFD विभाग, ADEN/JIND)इन सभी रेल योद्धाओं के पास वैध 'ड्यूटी यात्रा पास' होने के बावजूद, ऑन-ड्यूटी TTE ने इनके साथ अत्यंत अभद्र व्यवहार किया। TTE ने खुलेआम क्षेत्रवाद (Regionalism) का परिचय देते हुए, बोगी में सीटें खाली होने पर भी अपने क्षेत्र (पंजाब) के बाहरी विभागीय कर्मचारियों को तरजीह दी।जब हमारे कर्मचारियों ने न्यायसंगत सीट की मांग की, तो TTE ने पद की गरिमा को ताक पर रखकर गाली-गलौज की और हमारे साथियों को जबरन बोगी से बाहर निकाल दिया। इस पूरी तानाशाही का वीडियो प्रमाण पोस्ट के साथ संलग्न है।ऑल इंडिया रेलवे ट्रैकमेंटेनर यूनियन (AIRTU) स्पष्ट चेतावनी देती है:रेलवे को सुचारू रूप से चलाने वाले ट्रैकमेंटेनर और ग्राउंड स्टाफ का यह अपमान कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम माननीय रेल मंत्री जी, महाप्रबंधक (उत्तर रेलवे) और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Delhi Division) से मांग करते हैं कि इस दोषी TTE को तुरंत निलंबित (Suspend) किया जाए और सख्त विभागीय कार्रवाई की जाए।यदि प्रशासन ने तुरंत एक्शन नहीं लिया, तो यूनियन अपने साथियों के सम्मान में उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।कृपया इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करें और अपनी एकता दिखाएं!Ministry of Railways - India Delhi Division, Northern Railway India Railway Trackmaintainer Union
"

https://x.com/i/status/2060008341271871546

https://whatsapp.com/channel/0029VaipR2JBvvsiHX4MK73E

*भ्रामक दावों की खुली पोल: DRM दिल्ली के गैर-जिम्मेदाराना जवाब पर तीखा पलटवार!**साथियों, आप सभी को क्रांतिकारी जोहार और ...
21/05/2026

*भ्रामक दावों की खुली पोल: DRM दिल्ली के गैर-जिम्मेदाराना जवाब पर तीखा पलटवार!*

*साथियों, आप सभी को क्रांतिकारी जोहार और दिल से धन्यवाद!*

✊🔥आज मैंने सोशल मीडिया (ट्विटर/X) पर 1975 के H**R नियमों के तहत भारतीय रेलवे में ट्रैकमेन साथियों के लिए रोजाना 7:30 घंटे की ड्यूटी वाले ऐतिहासिक रोस्टर की कॉपी शेयर की थी। हमारी एकजुटता और आप सभी के ताबड़तोड़ री-ट्वीट्स का ही असर था कि मंडल रेल प्रबंधक (DRM), नई दिल्ली को मजबूरन इस पर जवाब देना पड़ा।लेकिन इतने बड़े और जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी का जवाब उनकी घोर अज्ञानता और संवेदनहीनता को दर्शाता है।
Drm साहब ने हमारे दावों को 'भ्रामक और निराधार' बताते हुए पल्ला झाड़ने की कोशिश की और कहा कि अब H**R 2005 के तहत ड्यूटी ली जा रही है।

डीआरएम साहब की अज्ञानता का असली सच:
*नियमों में कोई बदलाव नहीं-* रेलवे के H**R 1975 और H**R 2005 के नियमों के बीच ट्रैकमेन भाइयों के काम के घंटों में कोई मुख्य अंतर आया ही नहीं है!श्रेणी वही है: दोनों ही नियमों के अंतर्गत ट्रैकमेन को 'निरंतर' (Continuous) श्रेणी में ही वर्गीकृत किया गया है।मानक रोस्टर: H**R 1975 हो या H**R 2005, दोनों के ही तहत ट्रैकमेन के लिए मानक रोस्टर ड्यूटी प्रति सप्ताह 48 घंटे ही निर्धारित है।अधिकारी चाहे जितना गुमराह करने की कोशिश करें, हमारी आवाज और हमारे तथ्य पूरी तरह मजबूत हैं। यह जवाब इस बात का सबूत है कि हमारी एकता से प्रशासन में खलबली है। *एक बार फिर उन सभी साथियों का आभार जिन्होंने इस आवाज को री-ट्वीट करके बुलंद किया।*
यह लड़ाई हमारे हक और सम्मान की है, और हम इसे मिलकर लड़ते रहेंगे!

*एकता जिंदाबाद! रेल कर्मचारी एकता जिंदाबाद! 🤝📢*
Ministry of Railways, Government of India Ministry of Labour and Employment, Government of India
ड्यूटी रोस्टर में 3:30 घँटे के लंच के नाम पर ट्रैकमैन से 12-14 घँटे काम लेना बंद करो.....
आपका अपना व्हाट्सएप ग्रुप का लिंकः नीचे है--
https://whatsapp.com/channel/0029VbCQe565Ejxwh1iJ1E38

*🚨 रेलवे प्रशासन होश में आओ! ट्रैकमेन का शोषण बंद करो! 🚨*साथियों, आँखें खोलने वाला एक कड़वा सच!*आज से 51 साल पहले, 24 सित...
21/05/2026

*🚨 रेलवे प्रशासन होश में आओ! ट्रैकमेन का शोषण बंद करो! 🚨*

साथियों, आँखें खोलने वाला एक कड़वा सच!

*आज से 51 साल पहले, 24 सितंबर 1975 को पानीपत ADEN ऑफिस द्वारा जारी यह ऐतिहासिक 'ड्यूटी रोस्टर' देखिए*

1975 में: ट्रैकमेन (गैंग-ए) की ड्यूटी दिन में केवल 7½ घंटे (सुबह 9:30 से शाम 5:00 बजे तक) होती थी हफ्ते में सिर्फ 45 घंटे काम लिया जाता था और

*आज 2026 में क्या हो रहा है?*

तकनीक आ गई, डिजिटल इंडिया बन गया, लेकिन हमारे गैंगमैन भाइयों की जिंदगी गुलामों जैसी बना दी गई है!

आज पानीपत सहित देश के सभी स्टेशनों पर सुबह 07:00 बजे से शाम 06:30 बजे तक यानी 11.5 घंटे ड्यूटी ली जा रही है!
*AIRTU का रेलवे प्रशासन से सीधा सवाल:-*

*क्या 51 साल में ट्रैकमेन इंसान से मशीन बन गए हैं?*

*H**R नियमों को ताक पर रखकर 8 घंटे की जगह 11.5 घंटे काम क्यों लिया जा रहा है?*

भीषण गर्मी, कड़कती ठंड और भारी बारिश में इतने लंबे घंटे काम कराकर क्या रेल सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा रहा?

जागो ट्रैकमेन साथियों, जागो!यह हमारे अधिकारों की लड़ाई है। जब आधी सदी पहले हमारे पुरखों ने सम्मान की नौकरी की, तो आज हम यह अन्याय क्यों सहें?

*इस संदेश और 1975 के इस सरकारी कागज को इतना शेयर करो कि यह रेल मंत्रालय और बोर्ड के बंद कानों तक पहुंचे!*

"शोषण के खिलाफ आवाज उठाओ, अपने हक के लिए AIRTU के साथ आओ!

"✊ इंकलाब जिंदाबाद! ✊✊ ट्रैकमेन एकता जिंदाबाद!

आपका साथी,
नरेंद्र पांचाल
-राष्ट्रीय अध्यक्ष, ऑल इंडिया रेलवे ट्रैकमेन यूनियन (AIRTU)

*रद्दी के भाव फेंक दी गई ट्रैकमेन के अधिकारों की विरासत!*

"साथियों, यह ऐतिहासिक दस्तावेज़ मुझे किसी सुरक्षित फाइल में नहीं, बल्कि पानीपत ADEN ऑफिस में रफ काम (रद्दी) के लिए इस्तेमाल हो रहे कागजों के ढेर से मिला है! यह इस बात का सबूत है कि रेलवे प्रशासन आज के ट्रैकमेन की मेहनत को तो रद्दी समझ ही रहा है, उनके गौरवशाली इतिहास और अधिकारों के रिकॉर्ड को भी रद्दी मानकर फेंक रहा है।"

आपका अपना व्हाट्सएप्प ग्रुप

https://whatsapp.com/channel/0029VbCQe565Ejxwh1iJ1E38

इसको देश भर में फैलाने की जिम्मेदारी आपकी

Address

HANSI
Hansi
125038

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when AIRTU नरेंद्र पांचाल posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Category