05/05/2023
एक बार जरूर पढ़ें
वो भी क्या दिन थे
आज तो लगभग हर घर में पानी का नल लगा हुआ है जिसके नही है वो लोग ट्रैक्टर टैंकर से पानी की सप्लाई हो रही है आज से 15. 20 साल पहले 2003 _2004 में हमारे यहां चिन्नू में भी कई ऊंट गाड़ो पर पानी की सप्लाई हुआ करती थी हमारे यहां गांव में जमेदार नसीर चानिया ओर दले खा चानिया इन दोनों के पास ही पानी की टंकी हुआ करती थी ओर पुरे गांव में सप्लाई किया करते थे एक टंकी का 20 से 30 रुपए लिया करते थे वो समय बहुत ही अच्छा हुआ करता था उस समय में बहुत छोटा था हमारे घर के सामने ही पानी की टंकी थी बल्कि आज भी मोजूद है हम सरारती 8.10 बच्चो का एक झुंड हुआ करता था गाड़े पर पानी की टंकी भरने के लिए नली को पकड़ना पड़ता था वो काम हम शोक से किया करते थे दिनभर वहीं पानी की टंकी (होद) के पास बैठे रहते थे इस चक्कर में की ऊंट गाड़े पर चढ़ेंगे लेकिन वो हमे सिर्फ पानी भरने तक ही ऊपर रहने देते थे जब टंकी भर गई तो कहते थे कि अब बेटा नीचे आ जा वरना गिर जाओगे हम नीचे तो उतर जाते लेकिन जब गाड़ा रवाना होता हम पीछे लटक😄 जाया करते थे फिर बाकी बच्चे कहते की ओ काका लारे छोरा टिंडर ग्या जब जमीदार नसीर होता तो एक पतला सा डंडा हमेशा पास रखता था वो मरता था अगर पकड़ा गया तो जोर से बगल में मसलकर चिमटा (चुंटियो) मरोड़तो ओर दले खा चानिया होता तो पहले बहुत सारी गलियां😄 देता फिर जोर सु अपनी पगरखी (जूती) लारे फेंकता लागी तो लगी बच गयो तो ग्यो
आज ना ऊंठ गाड़ा टंकी रहे ना हमारे बीच वो दोनो रहे 😪
अल्लाह ताआला जमीदार नसीर चानिया ओर दले खा चानिया की मगफिरत फरमाए जन्नतुल फिरदौस में आला से आला मकाम अता फरमाए ,,, आमीन ,,,
🖋️ मोहम्मद इकबाल भईया चिन्नू 096028 09860