02/01/2026
।। जय जय मां अष्टभवानी।।
जगत का कल्याण करने वाली जगत जननी मां आपकी सदा ही जय हो। हे मां आप ही समस्त संसार का लालन पालन करने वाली जगत जननी जगदंबा हो। मां आप ही समस्त ब्रह्मांड के कण-कण में विराजमान हो। मां आपकी कृपा दृष्टी से ही संसार के प्रत्येक जीव जंतु को उर्जा मिलती है। हे भगवती आप ही सृजन कर्ता हैं। हे श्री शक्ति जगदम्बा भवानी आप की सदा ही जय हो। मां आप ही असुरों से देवताओं की रक्षा करने वाली महादेवी हैं । आप की सदा ही जय हो। मां आप ही शुंभ निशुंभ का वध करने वाली, महिषासुर का सर्वनाश करने वाली काली स्वरूपा हैं। आप की सदा ही जय हो। रक्तबीज का रक्त पान कर समस्त सृष्टि की रक्षा करने वाली महाकाली भी आप ही हैं। मां आपकी सदा ही जय हो। चंड मुंड का संघार कर मुंड माला धारण करने वाली मां चंडी आप की सदा ही जय हो। मां आपकी कृपा के बिना कुछ भी संभव नहीं। मां आप आदि हैं, आप ही अनंत हैं। मां आप शिव प्रिया हैं, आप ही अर्धनारीश्वर हैं। मां आपकी कृपा के बिना भगवान शिव का भी कोई अस्तित्व नहीं।
जो भक्त सच्ची श्रद्धा और भाव से मां की महिमा का गुणगान करते हैं। मां भगवती उन भक्तों को रिद्धि सिद्धि सुख समृद्धि यश और वैभव प्रदान करती हैं।
मां मैं आपका अबोधबालक संपूर्ण रूप से आप की शरण में हूं। मेरा भी कल्याण करो। कल्याण करो मां कल्याण करो।