02/06/2026
Moringa क्या होता है?
* Moringa को हिंदी में सहजन या मुनगा कहा जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम Moringa oleifera है।
* आयुर्वेद में इसे पौष्टिक, बलवर्धक और शरीर को शुद्ध करने वाला पौधा माना गया है। इसकी पत्तियां, फलियां (Drumstick), बीज और छाल तक उपयोगी मानी जाती हैं।
Moringa के प्रमुख गुण:- (Ayurvedic Properties)
आयुर्वेद के अनुसार सहजन के गुणः
* प्रभावः कफ और वात को संतुलित करने में सहायक
* इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्वः
*कैल्शियम
* लोहा
* प्रोटीन
* विटामिन ए, सी, ई
* पोटैशियम
*मैग्नीशियम
*एंटीऑक्सिडेंट
Moringa खाने के फायदे
1. शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा देता है
थकान और कमजोरी में शरीर को पोषण देने में मदद करता है।
2. हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक
इसमें Calcium और Magnesium अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं।
3. Immunity को सपोर्ट करता है
Vitamin C और antioxidants शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं।
4. पाचन सुधारने में सहायक
आयुर्वेद के अनुसार यह अग्नि (Digestion) को संतुलित करने में मदद कर सकता है।
5. Skin और Hair के लिए लाभकारी
इसके antioxidants त्वचा और बालों को पोषण देने में सहायक माने जाते हैं।6. शरीर की सूजन कम करने में सहायक मोरिंगा में प्राकृतिक एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं।
7. ब्लड शुगर बैलेंस में सहायक कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में इसे ब्लड शुगर सपोर्ट के लिए लाभकारी बताया गया है।
*मोरिंगा का सेवन कैसे करें?
1. मोरिंगा पाउडर 1/2 से 1 चम्मच गुनगुने पानी या दूध के साथ सुबह खाली पेट या भोजन के बाद
2. Moringa Tea
सूखी पत्तियों को गर्म पानी में उबालकर हर्बल चाय की तरह सेवन कर सकते हैं।
3. सब्जी या सूप में सहजन की फलियां (ड्रम्सटिक) सांभर, सूप और सब्जियों में उपयोग की जाती हैं।
4. फ्रेश लीव्स ताजी पत्तियों को सलाद या सब्जी में उपयोग किया जा सकता है।
* आयुर्वेद में मोरिंगा का महत्व आयुर्वेद में सहजन को शरीर की सफाई, शक्ति बढ़ाने और कफ-वात संतुलन के लिए उपयोगी माना गया है।
* यह शरीर में जमा अमा (टॉक्सिन) को कम करने और पाचन शक्ति सुधारने में सहायक माना जाता है।
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