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शिव जी जन्म और मृत्यु के चक्र में आते हैं क्योंकि शिव जी की आयु सीमित है। जबकि कबीर परमात्मा अमर हैं, उनकी कोई उम्र नहीं...
24/07/2024

शिव जी जन्म और मृत्यु के चक्र में आते हैं क्योंकि शिव जी की आयु सीमित है। जबकि कबीर परमात्मा अमर हैं, उनकी कोई उम्र नहीं है।

अधिक जानकारी के लिए देखिए वीडियो "शिव की समर्थता - Part 1" Factful Debates यूट्यूब चैनल पर

#शिवजी_की_समर्थता




TV9 Bharatvarsh कुछ तो शर्म करोझूठ: TV9 Bharatvarsh ने हाल ही में अपने चैनल पर संत रामपाल जी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा...
08/07/2024

TV9 Bharatvarsh कुछ तो शर्म करो

झूठ: TV9 Bharatvarsh ने हाल ही में अपने चैनल पर संत रामपाल जी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि संत रामपाल जी के डेरे का नाम सतगुरु रामपाल जी है तथा उन पर अवैध गर्भपात सेंटर खोलने, हथियार रखने, सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप लगाए।

सच: संत रामपाल जी महाराज के आश्रम का नं सतलोक आश्रम है, उन पर अवैध गर्भपात सेंटर खोलने, हथियार रखने का कोई आरोप ही नहीं है और रही सरकारी काम में बाधा डालने के केस की तो संत रामपाल जी तो इस केस में 29 अगस्त 2017 को पहले ही बरी हो चुके हैं।

इसलिए ऐसे झूठे व तथ्यहीन आरोप लगाने के लिए TV9 Bharatvarsh माफी मांगे।

#भारतीय_मीडिया_की_गिरती_गरिमा,




जगन्नाथ मंदिर के पास एक चबूतरा बनवाया गया था जिसे आज कबीर मठ के नाम से जाना जाता है। वहीं पर बैठकर कबीर परमात्मा ने समुद...
05/06/2024

जगन्नाथ मंदिर के पास एक चबूतरा बनवाया गया था जिसे आज कबीर मठ के नाम से जाना जाता है। वहीं पर बैठकर कबीर परमात्मा ने समुद्र को जगन्नाथ मंदिर तोड़ने से बचाया था।

#कैसे_बना_जगन्नाथजी_का_मंदिर

Diwas






मुल्ला से पण्डित भये, पण्डित से भले मुल्ला।गरीबदास तज बैर भाव, कीजे सुल्लमसुल्ल।।कौम छतीसं है जगदीशं, ब्रह्मबीज एक बाडी।...
18/03/2024

मुल्ला से पण्डित भये, पण्डित से भले मुल्ला।
गरीबदास तज बैर भाव, कीजे सुल्लमसुल्ल।।
कौम छतीसं है जगदीशं, ब्रह्मबीज एक बाडी।
जो हिन्दवानी सो मुसलमानी, पहरे एकै साड़ी।।

इस तरह की अमर वाणीयों के माध्यम से समाज से धार्मिक भेदभाव मिटाने वाले महान संत गरीब दास जी महाराज के बोध दिवस के उपलक्ष्य में सभी सतलोक आश्रमों में 19-21 मार्च को रखे गए तीन दिवसीय विशाल भंडारे में आप सभी सादर आमंत्रित हैं।







संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में उनके शिष्यों ने बोध दिवस व निर्वाण दिवस के मौके पर सतलोक आश्रमों में हज़ारों यूनिट हु...
22/02/2024

संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में उनके शिष्यों ने बोध दिवस व निर्वाण दिवस के मौके पर सतलोक आश्रमों में हज़ारों यूनिट हुआ रक्तदान।
रक्तदान महादान
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज सानिध्य में बोध दिवस व निर्वाण दिवस पर हुये विशेष समागम में हजारों यूनिट रक्त दान हुआ।






नास्त्रेदमस के अनुसार ग्रेट शायरन यानी वह महान पुरुष जो कलयुग में सतयुग लाएगा वह संत रामपाल जी महाराज जी ही हैं जिनका 17...
17/02/2024

नास्त्रेदमस के अनुसार ग्रेट शायरन यानी वह महान पुरुष जो कलयुग में सतयुग लाएगा वह संत रामपाल जी महाराज जी ही हैं जिनका 17 फरवरी को बोध दिवस मनाया जा रहा है। बोध दिवस के उपलक्ष्य में व कबीर परमेश्वर जी के निर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में 17-20 फरवरी को 10 सतलोक आश्रमों में विशाल शुद्ध देसी घी द्वारा निर्मित विशाल भंडारा चल रहा है। साथ ही निःशुल्क नाम दीक्षा भी दी जा रही है। इस अवसर पर पूरा विश्व आमंत्रित है।





সন্ত ৰামপাল মহাৰাজে পৃথিৱীক স্বৰ্গৰ তুল্য কৰি আছে।সন্ত ৰামপাল মহাৰাজে এনেকুৱা তত্বজ্ঞান দি আছে যাক শুনি তেওঁৰ শিষ্য নিচা...
10/02/2024

সন্ত ৰামপাল মহাৰাজে পৃথিৱীক স্বৰ্গৰ তুল্য কৰি আছে।

সন্ত ৰামপাল মহাৰাজে এনেকুৱা তত্বজ্ঞান দি আছে যাক শুনি তেওঁৰ শিষ্য নিচা, চুৰি, ঘোচ, ফিল্ম চোৱা, গান শুনা, যৌতুক প্রথা আদি বেয়াকৰ্মৰ পৰা অতিদূৰত আছে। সেয়েহে আমি ক'ব পাৰো যে সন্ত ৰামপাল মহাৰাজে পৃথিৱীক স্বৰ্গৰ তুল্য কৰি আছে।





पवित्र हिन्दू शास्त्र VS हिन्दूवेदों के विपरीत भक्ति कर्मपवित्र हिन्दू समाज में चारों वेदों (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद तथ...
07/02/2024

पवित्र हिन्दू शास्त्र VS हिन्दू

वेदों के विपरीत भक्ति कर्म

पवित्र हिन्दू समाज में चारों वेदों (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद तथा अथर्ववेद) का नाम पूरे सम्मान के साथ लिया जाता है। माना जाता है कि वेदों में परमेश्वर की पूजा व साधना का सर्वोत्तम ज्ञान है। आश्चर्य की बात है कि 80% हिन्दू समाज वेदों के विपरीत भक्ति कर्म करते हैं तथा 80% हिन्दुओं ने वेदों की शक्ल भी नहीं देखी है।

(विशेष:- हिन्दू समाज श्रीमद्भगवत गीता को चारों वेदों का सार तथा संक्षिप्त रूप मानते हैं। गीता में वेद ज्ञान निष्कर्ष रूप में संक्षेप में कहा है। यह भी निर्विरोध राय है।)
- जगतगुरु तत्त्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज




पवित्र हिन्दू शास्त्र VS हिन्दूप्रश्न:- हिन्दू धर्म के पवित्र शास्त्रों की स्थिति क्या है?उत्तर:- चारों वेद प्रभुदत्त है...
04/02/2024

पवित्र हिन्दू शास्त्र VS हिन्दू

प्रश्न:- हिन्दू धर्म के पवित्र शास्त्रों की स्थिति क्या है?

उत्तर:- चारों वेद प्रभुदत्त हैं तथा श्रीमद्भगवत गीता चारों वेदों का संक्षिप्त रूप यानि सारांश है। इसलिए गीता भी प्रभु द्वारा दिया ज्ञान है।
- जगतगुरु तत्त्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज

फिर भी हिन्दू भाईयों को धोखे में रखकर शास्त्रों के विपरीत भक्ति कराई जा रही है।




ओम् नाम किसका है?प्रश्न:- यह कहाँ प्रमाण है कि ‘‘ओम् नाम का जाप करने वाले ब्रह्मलोक में जाते हैं और ब्रह्म भी ब्रह्मलोक ...
04/02/2024

ओम् नाम किसका है?

प्रश्न:- यह कहाँ प्रमाण है कि ‘‘ओम् नाम का जाप करने वाले ब्रह्मलोक में जाते हैं और ब्रह्म भी ब्रह्मलोक में रहता है?
उत्तर:- श्री देवी महापुराण के सातवें स्कंद के अध्याय 36 में श्री देवी जी ने राजा हिमालय से कहा कि हे राजन्! और बातें छोड़कर यानि और सबकी भक्ति छोड़कर केवल ओम् नाम का स्मरण कर, जिसके स्मरण से तू ब्रह्म को प्राप्त हो जाएगा जो दिव्य आकाश रूप ब्रह्मलोक में रहता है।
{ध्यान रहे:- गीता अध्याय 8 श्लोक 16 में कहा है कि ब्रह्मलोक में गए साधक भी जन्म-मरण के चक्र में हैं।}
- जगतगुरु तत्त्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज




पितृ पूजा से अधिक लाभकारी भक्तिविधिविष्णु पुराण, तृतीय अंश के अध्याय 15 में श्लोक 55-56, पृष्ठ 213 पर लिखा है कि एक योगी...
28/01/2024

पितृ पूजा से अधिक लाभकारी भक्तिविधि
विष्णु पुराण, तृतीय अंश के अध्याय 15 में श्लोक 55-56, पृष्ठ 213 पर लिखा है कि एक योगी (शास्त्रानुकूल सत्य साधक) अकेला ही पित्तरों तथा एक हजार ब्राह्मणों तथा यजमान सहित सर्व का उद्धार कर देगा। शास्त्रानुकूल सत्य साधना केवल संत रामपाल जी महाराज करवाते हैं इसलिए उनके शिष्य ही वह योगी हैं जिसका उपरोक्त शास्त्र में जिक्र किया है। अर्थात सतगुरु के निमित्त होकर धर्म भंडारे के लिए दान करना सर्वाधिक लाभकारी है।

#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि #श्राद्ध




गीता शास्त्र में पित्तर व भूत पूजा, देवताओं की पूजा निषेध कही है।-व्रत करना व्यर्थ कहा है। कर्म सन्यास गलत कहा है। कर्म ...
25/01/2024

गीता शास्त्र में पित्तर व भूत पूजा, देवताओं की पूजा निषेध कही है।-
व्रत करना व्यर्थ कहा है। कर्म सन्यास गलत कहा है। कर्म करते-करते भक्ति करना उत्तम बताया है।

प्रमाण:- गीता अध्याय 9 श्लोक 25, गीता अध्याय 7 श्लोक 12-15, 20-23, गीता अध्याय 6 श्लोक 16, गीता अध्याय 5 श्लोक 2-6, गीता अध्याय 3 श्लोक 4-9 में।


हे मेरी कौम के लोगों (हिन्दू )हमारी भी तो सुनो।हम आपके दोस्त हैं, दुश्मन नहीं!देखिए प्रमाण गीता के विपरीत साधना का:- गीत...
17/01/2024

हे मेरी कौम के लोगों (हिन्दू )हमारी भी तो सुनो।
हम आपके दोस्त हैं, दुश्मन नहीं!
देखिए प्रमाण गीता के विपरीत साधना का:- गीता अध्याय 9 श्लोक 25 में गीता ज्ञान दाता ने कहा है कि जो पित्तर पूजता है, पित्तरों को प्राप्त होगा यानि पित्तर बनेगा। भूत पूजने वाला भूतों को प्राप्त होगा यानि भूत बनेगा। देवताओं को पूजने वाला, देवताओं को प्राप्त होगा यानि देवताओं के पास जाएगा। मेरा भक्त मुझे प्राप्त होगा।
यदि पवित्र हिन्दू धर्म की पूजाओं पर दृष्टि दौड़ाई जाए तो पता चलता है कि लगभग पूरा हिन्दू समाज पित्तर पूजा, भूत पूजा, देवी-देवताओं की पूजा करता है जो शास्त्रविधि त्यागकर मनमाना आचरण होने से गीता अध्याय 16 श्लोक 23 के अनुसार व्यर्थ प्रयत्न है।
हिंदू भाइयों संभल जाओ, संत रामपाल जी महाराज का ज्ञान समझो।






हिंदू भइयों संभल जाओ  हिन्दू धर्म गुरूजन मूर्ति पूजा करने की राय देते हैं। यह काल ब्रह्म द्वारा दिया गलत ज्ञान है जो वेद...
15/01/2024

हिंदू भइयों संभल जाओ
हिन्दू धर्म गुरूजन मूर्ति पूजा करने की राय देते हैं। यह काल ब्रह्म द्वारा दिया गलत ज्ञान है जो वेदों व गीता के विरूद्ध साधना होने से व्यर्थ है।
सूक्ष्मवेद में कबीर परमेश्वर जी ने आन-उपासना निषेध बताया है। उपासना का अर्थ है अपने ईष्ट देव के निकट जाना यानि ईष्ट की पूजा करना।
आन-उपासना वह पूजा है जो शास्त्रों में वर्णित नहीं है। मूर्ति-पूजा आन-उपासना है ।
इस विषय पर सूक्ष्मवेद में कबीर साहेब ने इस प्रकार स्पष्ट किया है:-
कबीर, पत्थर पूजें हरि मिले, तो मैं पूजूँ पहार।
तातें तो चक्की भली, पीस खाए संसार।।
बेद पढ़ैं पर भेद ना जानें, बांचें पुराण अठारा।
पत्थर की पूजा करें, भूले सिरजनहारा।।








*बस करो मूर्ख बनाना बस करो*अनिरुद्धाचार्य जी का कहना है कि बिना नाम जाप के ही साधक की मुक्ति हो जाएगी।संत रामपाल जी महार...
07/01/2024

*बस करो मूर्ख बनाना बस करो*
अनिरुद्धाचार्य जी का कहना है कि बिना नाम जाप के ही साधक की मुक्ति हो जाएगी।
संत रामपाल जी महाराज जी बताते हैं कि पवित्र यजुर्वेद अध्याय 40 मंत्र 15 में लिखा है "ओम् क्रतो स्मर, क्लिबे स्मर, कृतुम् स्मर।" अर्थात् ओम् नाम का जाप कार्य करते-करते कर, विशेष तड़फ के साथ तथा मानव जीवन का मुख्य कर्तव्य मानकर जाप कर। यही प्रमाण गीता अध्याय 8 श्लोक 5 व 7 में भी है जिसमें गीता ज्ञान दाता ने कहा है कि हे अर्जुन! तू युद्ध भी कर, मेरा स्मरण भी कर।


#हिन्दू_भाई_संभलो





परमेश्वर कबीर जी की भक्ति से ही रक्षा होती हैईसा जी को उनके शिष्य ने सिर्फ 30 रुपए के लिए उनके विरोधियों को सौंप दिया। व...
26/12/2023

परमेश्वर कबीर जी की भक्ति से ही रक्षा होती है
ईसा जी को उनके शिष्य ने सिर्फ 30 रुपए के लिए उनके विरोधियों को सौंप दिया। विरोधियों ने T आकार की लकड़ी में कील गाड़कर क्रश कर दिया। हज़रत ईसा जी ने मरते समय कहा कि हे मेरे प्रभु! आपने मुझे क्यों त्याग दिया। इससे स्पष्ट है कि काल प्रभु अंतिम समय में अकेला छोड़ देता है। (पवित्र बाईबल मत्ती 27 तथा 28/20 पृष्ठ 45 से 48 में)







श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 15 श्लोक 17 अनुसार सबका धारण पोषण करने वाला परमात्मा कौन है?जानने के लिए हिन्दू साहेबान! नहीं सम...
23/12/2023

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 15 श्लोक 17 अनुसार सबका धारण पोषण करने वाला परमात्मा कौन है?
जानने के लिए हिन्दू साहेबान! नहीं समझे गीता, वेद, पुराण पुस्तक को Sant Rampal Ji Maharaj App से डाउनलोड करके पढ़ें।








18 Puranas are What kind of scriptures?What kind of knowledge is given in the Puranas?To Know download the Book "Hindu S...
03/12/2023

18 Puranas are What kind of scriptures?
What kind of knowledge is given in the Puranas?
To Know download the Book "Hindu Saheban Nahi Samjhe Geeta, Veda, Puran" from Sant Rampal Ji Maharaj App and read it.





गीता अध्याय 18 श्लोक 62 में गीता बोलने वाले प्रभु ने अपने से अन्य किस परमेश्वर की शरण में जाने को कहा है?जानने के लिए हि...
03/12/2023

गीता अध्याय 18 श्लोक 62 में गीता बोलने वाले प्रभु ने अपने से अन्य किस परमेश्वर की शरण में जाने को कहा है?
जानने के लिए हिन्दू साहेबान! नहीं समझे गीता, वेद, पुराण पुस्तक को Sant Rampal Ji Maharaj App से डाउनलोड करके पढ़ें।




सच होगा सबका सपना,दहेजमुक्त होगा भारत अपना।।संत रामपाल जी महाराज एक ऐसे स्वच्छ समाज का निर्माण कर रहे हैं जिसमें शादी पर...
30/11/2023

सच होगा सबका सपना,
दहेजमुक्त होगा भारत अपना।।
संत रामपाल जी महाराज एक ऐसे स्वच्छ समाज का निर्माण कर रहे हैं जिसमें शादी पर कोई आडंबर नहीं, कोई खर्चा नहीं तथा बेटी बोझ नहीं।
दिव्य धर्म यज्ञ दिवस 2023 के उपलक्ष्य पर संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में सैंकड़ों दहेज मुक्त विवाह संपन्न हुए।









दिव्य धर्म यज्ञ दिवस पर संत रामपाल जी महाराज के भक्तों ने किया रक्तदान। #रक्तदान
29/11/2023

दिव्य धर्म यज्ञ दिवस पर संत रामपाल जी महाराज के भक्तों ने किया रक्तदान।

#रक्तदान

संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में दिव्य धर्म यज्ञ दिवस पर सतलोक आश्रमों में हज़ारों यूनिट हुआ रक्तदान। #रक्तदान        ...
29/11/2023

संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में दिव्य धर्म यज्ञ दिवस पर सतलोक आश्रमों में हज़ारों यूनिट हुआ रक्तदान।
#रक्तदान

উত্তৰ দক্ষিণ পূৰ্ব পশ্চিম, ফিৰতা দাণে দাণে নূ।সৰ্ব কলা সৎগুৰু চাহেব কী, হৰি আয়ে হৰিয়ানে নূ।জগদগুৰু তত্ত্বদর্শী সন্ত ৰামপ...
25/11/2023

উত্তৰ দক্ষিণ পূৰ্ব পশ্চিম, ফিৰতা দাণে দাণে নূ।
সৰ্ব কলা সৎগুৰু চাহেব কী, হৰি আয়ে হৰিয়ানে নূ।

জগদগুৰু তত্ত্বদর্শী সন্ত ৰামপাল মহাৰাজৰ সান্নিধ্যত কবীৰ পৰমেশ্বৰৰ লীলাৰ ৫১০ তম দিব্য ধৰ্ম যজ্ঞৰ উপলক্ষে ২০২৩ চনৰ ২৬, ২৭, ২৮ নৱেম্বৰত দেশ-বিদেশৰ ১০টা সৎলোক আশ্ৰমত বিশাল সৎসঙ্গ, অখণ্ড পাঠ, বিশুদ্ধ দেশী ঘিউৰে নিৰ্মিত বিশাল ধৰ্মভোজ, ৰক্তদান শিবিৰ, নিচামুক্তি কাৰ্যক্ৰম, আৰু যৌতুকমুক্ত বিবাহৰ দৰে অদ্ভুত সমাজ সেৱাৰ কাৰ্যক্ৰম সম্পন্ন হ'ব। য'ত আপোনালোক সপৰিয়ালে আন্তৰিকতাৰে আমন্ত্ৰিত।







#दिव्य_धर्म_यज्ञ_दिवस

धरती पर अवतार संत रामपाल जी महाराज इजरायल के प्रो. हरार के अनुसार भारत देश का एक दिव्य महापुरूष मानवतावादी विचारों से सन...
29/10/2023

धरती पर अवतार संत रामपाल जी महाराज

इजरायल के प्रो. हरार के अनुसार भारत देश का एक दिव्य महापुरूष मानवतावादी विचारों से सन् 2000 ई. से पहले-पहले आध्यात्मिक क्रांति की जड़ें मजबूत कर लेगा व सारे विश्व को उनके विचार सुनने को बाध्य होना पड़ेगा। भारत के अधिकतर राज्यों में राष्ट्रपति शासन होगा, पर बाद में नेतृत्व धर्मनिष्ठ वीर लोगों पर होगा। जो एक धार्मिक संगठन के आश्रित होगें।

কি আপুনি জানেনে , শ্ৰীমদদেৱীভাগৱতৰ পঞ্চম অধ্যায়ৰ তৃতীয় স্কন্ধত বিষ্ণুয়ে দেৱী দুৰ্গাৰ স্তুতি কৰি স্বয়ং সমেত ব্ৰহ্মা আৰু শ...
18/10/2023

কি আপুনি জানেনে , শ্ৰীমদদেৱীভাগৱতৰ পঞ্চম অধ্যায়ৰ তৃতীয় স্কন্ধত বিষ্ণুয়ে দেৱী দুৰ্গাৰ স্তুতি কৰি স্বয়ং সমেত ব্ৰহ্মা আৰু শঙ্কৰক জন্ম-মৃত্যুৰ অন্তৰ্গত নাশৱান বুলি স্বীকাৰ কৰিছে।
এই গূঢ় ৰহস্য জানিবলৈ অৱশ্যে পঢ়ক পবিত্ৰ পুথি জ্ঞানগঙ্গা।




নৱৰাত্ৰিত বিভিন্ন পূজা আৰু কৰ্মকাণ্ড কৰা সত্বেও মাতা দুৰ্গাৰ সাধকৰ ওপৰত দুখৰ পাহাৰ কি কাৰণত খহি পৰি আছে ? অজানিতে তেওঁৰ ...
15/10/2023

নৱৰাত্ৰিত বিভিন্ন পূজা আৰু কৰ্মকাণ্ড কৰা সত্বেও মাতা দুৰ্গাৰ সাধকৰ ওপৰত দুখৰ পাহাৰ কি কাৰণত খহি পৰি আছে ? অজানিতে তেওঁৰ ভক্তি সাধনা হিন্দুৰ সনাতন শাস্ত্ৰ (গীতা, বেদ)ৰ জ্ঞান বিৰুদ্ধ নহয়তো ?
এই প্ৰশ্ন আৰু শংকা সমাধানৰ বাবে অৱশ্যে চাব সাধনা চেনেল ৰাতি ৭:৩০ বজাত।





सत्य भक्ति वर्तमान में केवल संत रामपाल जी महाराज जी के पास है। जिससे इस दुःखों के घर संसार से पार होकर वह परम शान्ति तथा...
09/10/2023

सत्य भक्ति वर्तमान में केवल संत रामपाल जी महाराज जी के पास है। जिससे इस दुःखों के घर संसार से पार होकर वह परम शान्ति तथा शाश्वत स्थान (सनातन परम धाम) प्राप्त हो जाता है जिसके विषय में गीता अध्याय 18 श्लोक 62 में कहा है तथा गीता अध्याय 15 श्लोक 4 में कहा है कि तत्वदर्शी सन्त से तत्वज्ञान प्राप्त करके, उस तत्वज्ञान से अज्ञान का नाश करके, उसके पश्चात् परमेश्वर के उस परमपद की खोज करनी चाहिए। जहाँ जाने के पश्चात् साधक फिर लौटकर संसार में कभी नहीं आता।






सूक्ष्मवेद (तत्वज्ञान) में तथा चारों वेदों (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद तथा अथवर्वेद) तथा इन चारों वेदों के सारांश गीता में...
06/10/2023

सूक्ष्मवेद (तत्वज्ञान) में तथा चारों वेदों (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद तथा अथवर्वेद) तथा इन चारों वेदों के सारांश गीता में स्पष्ट किया है कि आन-उपासना नहीं करनी चाहिए क्योंकि ये शास्त्रों में वर्णित न होने से मनमाना आचरण है जो गीता अध्याय 16 श्लोक 23,24 में व्यर्थ बताया है। शास्त्रोक्त साधना करने का आदेश दिया है।





श्राद्ध आदि शास्त्रविरूद्ध क्रियाऐं झूठे गुरूओं के कहने से करके अपना जीवन नष्ट करते हैं। यदि सतगुरू (तत्वदर्शी संत) का स...
06/10/2023

श्राद्ध आदि शास्त्रविरूद्ध क्रियाऐं झूठे गुरूओं के कहने से करके अपना जीवन नष्ट करते हैं। यदि सतगुरू (तत्वदर्शी संत) का सत्संग सुनते, उसकी संगति करते तो सर्ब पापकर्म नष्ट हो जाते। सत्य साधना करके अमर लोक यानि गीता अध्याय 18 श्लोक 62 में कहे (शाश्वतं स्थानं) सनातन परम धाम में आप जी
का आसन यानि स्थाई ठिकाना होता जहाँ कोई कष्ट नहीं। वहाँ पर परम शांति है क्योंकि वहाँ पर कभी जन्म-मृत्यु नहीं होता।

#क्या_श्राद्ध_से_मुक्ति_संभव_है







श्राद्ध क्रिया कर्म मनमाना आचरण है यह शास्त्रों में अविद्या कहा गया है बल्कि गीता अध्याय 16 का 23 और 24 में कहा है कि जो...
02/10/2023

श्राद्ध क्रिया कर्म मनमाना आचरण है यह शास्त्रों में अविद्या कहा गया है बल्कि गीता अध्याय 16 का 23 और 24 में कहा है कि जो शास्त्र विधि को त्याग कर मनमाना आचरण करते हैं उनकी ना तो गति होती है न ही उन्हें किसी प्रकार का आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है इसलिए शास्त्र ही प्रमाण है।


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