10/01/2026
सवाल, बहस और लोकतंत्र
शरजील इमाम और उमर ख़ालिद की रिहाई को लेकर समाज में अलग-अलग राय सामने आ रही है।
कई लोग इसे न्याय, अभिव्यक्ति की आज़ादी और क़ानूनी प्रक्रिया से जोड़कर देख रहे हैं।
लोकतंत्र में सवाल पूछना गुनाह नहीं,
और क़ानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है।
आपकी राय क्या है?