02/10/2026
जहाँ आस्था बनती है चमत्कार: बागेश्वर बालाजी का सिद्ध दरबार। मध्य प्रदेश के छतरपुर में स्थित बागेश्वर धाम मात्र एक तीर्थ नहीं, बल्कि सनातन आस्था का जागृत केंद्र है। यहाँ पूज्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के माध्यम से बालाजी महाराज की असीम कृपा बरसती है। बिना कहे मन की व्यथा पढ़ लेना और पर्चे पर समाधान लिख देना, इस धाम की सबसे अद्भुत और अलौकिक विशेषता है।
कष्टों से मुक्ति, आध्यात्मिक शांति और लोक कल्याण का यह पावन धाम हर श्रद्धालु के जीवन में नई ऊर्जा का संचार करता है।
बागेश्वर धाम सरकार, मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित एक अत्यंत जागृत और चमत्कारी तीर्थ स्थल है। यह स्थान मुख्य रूप से पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार और उनकी अलौकिक शक्तियों के लिए समूचे भारतवर्ष में विख्यात है। यहाँ की महिमा किसी रहस्य से कम नहीं है, जहाँ प्रति मंगलवार और शनिवार श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ता है।
इस पावन पीठ की स्थापना धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दादाजी, महाराज सन्यासी बाबा ने की थी। उन्हीं की प्रेरणा से धीरेंद्र कृष्ण ने इस स्थान को जनसेवा और धर्म प्रचार का केंद्र बनाया। धाम में हनुमान जी का प्राचीन मंदिर है, जिसे बजरंगबली का साक्षात निवास माना जाता है।
बागेश्वर धाम सरकार की सबसे अनूठी विशेषता धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की दिव्य अर्जी और पर्ची प्रणाली है। यहाँ माना जाता है कि वे बिना कुछ बोले ही व्यक्ति की समस्याओं को पर्चे पर लिख देते हैं। इस पर्ची में भूत, भविष्य और वर्तमान के सभी कष्टों का निवारण छिपा होता है।
यही कारण है कि देश विदेश से करोड़ों लोग अपनी फरियाद लेकर आते हैं और अपनी श्रद्धा और विश्वास के बल पर रोगों और संकटों से मुक्ति पाते हैं।
इसके अलावा, बागेश्वर धाम में सामूहिक विवाह सम्मेलनों का आयोजन कर निर्धन कन्याओं का विवाह कराना एक बहुत बड़ा सामाजिक कार्य माना जाता है।
यह तीर्थ स्थल अध्यात्म, सेवा और मानव कल्याण का एक अद्भुत संगम है, जो लोगों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शांति का संचार करता है।