08/05/2026
*कॉल मी सुमित गिरफ्तार पुलिस कमिश्नर पर वीडियो बनाकर चुनौती देना पड़ा महंगा*
*_____________________________*
*_सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद पुलिस की कार्रवाई, इनफ्लुएंसर्स के लिए चेतावनी_*
*___________________________*
*प्रयागराज, 8 मई 2026*
*सोशल मीडिया पर "कॉल मी सुमित" के नाम से मशहूर इनफ्लुएंसर सुमित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि उसने पुलिस कमिश्नर समेत एक वरिष्ठ अधिकारी पर झूठे और भ्रामक आरोप लगाते हुए इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक वीडियो वायरल किया था।*
*क्या है पूरा मामला*
*जानकारी के मुताबिक, कुछ समय पहले सुमित की कर्नलगंज थाने में तैनात दरोगा अजय सिंह वर्मा से कहासुनी हो गई थी। इसके बाद अजय सिंह वर्मा का ट्रांसफर कर दिया गया। आरोप है कि ट्रांसफर के बावजूद सुमित ने दरोगा का पीछा नहीं छोड़ा।*
*सुमित ने हाल ही में एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उसने जिले के एक सम्मानित पुलिस अधिकारी पर निराधार आरोप लगाए। इतना ही नहीं, वीडियो में उसने पुलिस कमिश्नर को भी बदनाम करने की नीयत से उल्टे-सीधे आरोप लगाए और खुलेआम चुनौती दी। वीडियो तेजी से वायरल हुआ जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।*
*घर से हुई गिरफ्तारी*
*वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। एक वरिष्ठ अधिकारी को झूठे आरोपों में बदनाम करने के मामले में सुमित को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल किसी की छवि खराब करने के लिए नहीं किया जा सकता।*
*पुलिस की सख्त चेतावनी*
*इस घटना के बाद प्रशासन ने सभी सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को सख्त संदेश दिया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा, अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब किसी सम्मानित अधिकारी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना नहीं है। अपना काम करें, रचनात्मक कंटेंट बनाएं। लेकिन अगर कोई कानून हाथ में लेकर अफवाह फैलाएगा या अधिकारियों को बदनाम करेगा, तो प्रशासन को भी ऐसे लोगों से उन्हीं की भाषा में जवाब देना आता है।*
*सोशल मीडिया एक ताकतवर माध्यम है। इसका इस्तेमाल समाज को जोड़ने और जागरूक करने के लिए करें, न कि किसी को बदनाम करने के लिए। एक वीडियो या पोस्ट किसी की सालों की मेहनत से बनी छवि को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए जिम्मेदारी से कंटेंट बनाएं। कानून का सम्मान सभी के लिए जरूरी है...
C.P.