30/09/2025
बिहार की जनता सावधान!
चुनाव आते ही महिलाओं के खातों में ₹10,000 डालकर वोट खरीदने का नया खेल शुरू हो गया है। लेकिन ये सिर्फ पाँच दिन की राहत और पाँच साल की लूट है।
क्योंकि:
1. चुनाव से ठीक पहले पैसे बाँटना वोट बैंक बनाने की साज़िश है।
2. आज जो 10 हज़ार दे रहे हैं, कल महँगाई, टैक्स और भ्रष्टाचार के नाम पर दस गुना वसूल लेंगे।
3. असली मुद्दों — बेरोज़गारी, महँगाई, किसानों की बदहाली और भ्रष्टाचार — से ध्यान हटाने की चाल है।
4. जनता के टैक्स का पैसा जनता पर ही रिश्वत की तरह लुटाया जा रहा है।
5. अगर यही करोड़ों रुपये शिक्षा, अस्पताल और रोजगार पर लगते तो हर परिवार का भविष्य बदल सकता था।
सोचो भाई-बहनों:
क्या 10 हज़ार से पाँच साल की महँगाई मिट जाएगी?
क्या बच्चों को नौकरी और अच्छी पढ़ाई मिल जाएगी?
क्या अस्पताल और दवाइयाँ सस्ती हो जाएँगी?
याद रखो:
ये सिर्फ चुनावी इंजेक्शन है, असली इलाज नहीं।
वोट देते समय पैसों के लालच में मत पड़ो अपने बच्चों के भविष्य, रोजगार, शिक्षा और सच्चे विकास को याद रखो।