17/01/2026
कोई नियम नहीं, कोई बंधन नहीं: नाम-जप की परम स्वतंत्रता
अक्सर आध्यात्मिक क्रियाएं कड़े नियमों से बंधी होती हैं। यज्ञ, दान या तीर्थयात्रा के लिए सही समय, स्थान और शारीरिक-मानसिक पवित्रता की आवश्यकता होती है। लेकिन भगवान का नाम इन सभी बंधनों से परे है। नाम-जप के लिए कोई नियम लागू नहीं होता। यह नाम-जप की परम स्वतंत्रता है। आप इसे किसी भी समय जप सकते हैं- दिन हो या रात। आप इसे किसी भी स्थान पर जप सकते हैं, चाहे वह मंदिर हो या शौचालय जैसी अशुद्ध जगह। आप इसे किसी भी अवस्था में जप सकते हैं- पवित्र हों या अपवित्र। यह एकमात्र ऐसी साधना है जो देश, काल, और शुचिता के सभी बंधनों से पूरी तरह मुक्त है। यहाँ तक कि यदि शौच की अवस्था में ही प्राण निकल जाएं, तो भी नाम जपने वाले को यमदूत स्पर्श नहीं कर सकते। नाम का पहरा हर क्षण रक्षा करता है।
राधे राधे 🙏🙏